EU ने TikTok से अपनी ऐप डिज़ाइन बदलने को कहा — वजह यह है
यदि आप नाश्ते पर TikTok स्क्रॉल करना शुरू करें और दोपहर तक बाहर निकलें, तो आप पहले ही यूरोपीय संघ के केस का दिल समझ चुके हैं: ऐसा डिज़ाइन जो आपको स्क्रीन से चिपकाए रखता है। इसी वजह से इस हफ्ते EU ने TikTok से कहा है कि वह यह डिज़ाइन बदले। नियामकों का कहना है कि इन्फिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले, बेहद निजीकृत सिफ़ारिशें और पुश नोटिफ़िकेशन्स जैसी मूल विशेषताएँ ध्यान को बाँधने के लिए अनुकूलित हैं—खासतौर पर बच्चों और किशोरों के लिए। साधारण भाषा में: ऐप आपको बहुत ज़्यादा रोके रखता है। नियामकीय भाषा में: प्लेटफ़ॉर्म का “आकर्षक/आदी बनाने वाला डिज़ाइन” EU के Digital Services Act (DSA) के तहत सिस्टमिक रिस्क (व्यवस्थित जोखिम) पैदा करता है। (theverge.com)
यूरोपीय आयोग (European Commission) के 6 फ़रवरी, 2026 को प्रकाशित प्रारम्भिक निष्कर्ष कहते हैं कि TikTok ने युवा उपयोगकर्ताओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी और उसे यूज़र इंटरफ़ेस तथा रिकमेंडेशन सिस्टम के कुछ हिस्सों में बदलाव करने होंगे—अन्यथा उसके वैश्विक कारोबार के 6% तक का जुर्माना लग सकता है। TikTok इस निष्कर्ष को चुनौती दे रहा है, लेकिन दिशा स्पष्ट है: किसी बड़े सोशल प्लेटफ़ॉर्म के “चिपकाऊ” डिज़ाइन को नियंत्रित करने का यह अब तक का सबसे हाई-प्रोफ़ाइल प्रयास है। (theguardian.com)
संक्षेप में (गहराई में जाने से पहले)
EU का कहना है कि TikTok का डिज़ाइन—विशेषकर इन्फिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले, पुश नोटिफ़िकेशन्स और रिकमेंडर—लत जैसा व्यवहार पैदा करता है और नाबालिगों के लिए जोखिम बनता है। TikTok इस आरोप से इनकार करता है। (theverge.com)
यदि ये निष्कर्ष टिके, तो आयोग डिज़ाइन में बदलाव का आदेश दे सकता है और वैश्विक राजस्व के 6% तक जुर्माना लगा सकता है। (theguardian.com)
यह 2024 में TikTok Lite के रिवॉर्ड फीचर पर EU की कार्रवाई और उसी साल शुरू हुई व्यापक DSA जाँच का विस्तार है। (ec.europa.eu)
EU ने ठीक-ठीक क्या कहा?
प्रारम्भिक निर्णय में आयोग का तर्क है कि TikTok ने उस जोखिम का ठीक से आकलन और निवारण नहीं किया जो ऐप को निरंतर एंगेजमेंट के लिए तैयार किए गए तरीकों से पैदा होता है। फ़ैसले में इन्फिनिट स्क्रॉल (“बस स्वाइप करो, वीडियो ख़त्म नहीं होता”), ऑटोप्ले, नोटिफ़िकेशन्स के जरिए लगातार टहोका और रिकमेंडर सिस्टम पर खास तौर से उँगली उठाई गई है—जो यह सीखता है कि यूज़र किससे नहीं बच पाता और फिर उसे उसी की और खुराक देता रहता है—वह भी बिना पर्याप्त ब्रेक्स के। (theverge.com)
साथ ही कमज़ोर स्क्रीन-टाइम टूल्स और पेरेंटल कंट्रोल्स की भी आलोचना है—कहते हुए कि वे “कम्पल्शन लूप” (बार-बार स्क्रॉल करने के चक्र) को अर्थपूर्ण ढंग से बाधित नहीं करते और युवा उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा नहीं कर पाते। आयोग ने अनिवार्य फीचर्स के संकेत दिए हैं—जैसे वास्तविक स्क्रीन-टाइम ब्रेक्स, नाबालिगों के लिए सख़्त डिफ़ॉल्ट लिमिट, और संभवतः कुछ “आदी बनाने वाले” पैटर्न्स को डिफ़ॉल्ट रूप से निष्क्रिय करना। (theguardian.com)
अभी क्यों?
यह अचानक नहीं हुआ। 2024 से EU इस मुद्दे को घेर रहा है, जब उसने TikTok के डिज़ाइन और पारदर्शिता प्रथाओं पर DSA के तहत औपचारिक कार्यवाही शुरू की थी। इससे जुड़ा एक प्रसंग था: फ़्रांस और स्पेन में TikTok Lite का “टास्क-एंड-रिवॉर्ड” प्रोग्राम, जिसमें लोग वीडियो देखने पर प्वाइंट्स कमा सकते थे। EU के दबाव में TikTok ने पहले इसे निलंबित किया और फिर 2024 में पूरे ब्लॉक में वापस ले लिया—यह शुरुआती संकेत था कि गेमिफ़ाइड अटेंशन को आयोग गंभीर जोखिम मानता है। (ec.europa.eu)
इस हफ्ते की कार्रवाई उसी तर्क को TikTok के मुख्य ऐप डिज़ाइन तक बढ़ाती है। EU एक व्यापक नियामकीय सिद्धान्त रेखांकित कर रहा है: आदी बनाने वाला डिज़ाइन एक व्यवस्थित जोखिम है—और DSA का मकसद ऐसे व्यवस्थित जोखिमों को ही कम करना है। (techpolicy.press)
TikTok से वास्तव में किन बदलावों की उम्मीद है?
आयोग ने अंतिम, लाइन-दर-लाइन उत्पाद-विशिष्ट सूची तो जारी नहीं की है, लेकिन उसके शॉपिंग-लिस्ट जैसे इशारे साफ़ हैं:
फ़ीड में ब्रेक्स: दिखावटी नहीं, बल्कि असली ठहराव—खासतौर पर नाबालिगों के लिए। जैसे “आप 20 मिनट से स्क्रॉल कर रहे हैं; थोड़ा विराम लें”—और फ़ीड सचमुच रुके। (theverge.com)
इन्फिनिटी को नरम करना: नाबालिगों के लिए इन्फिनिट स्क्रॉल को डिफ़ॉल्ट रूप से सीमित/बंद करना; या फ़ीड में ‘चेप्टर्स’ जैसे प्राकृतिक स्टॉपिंग पॉइंट्स जोड़ना। (euobserver.com)
ऑटोप्ले पर ब्रेक: नाबालिगों के लिए डिफ़ॉल्ट ऑफ़, सबके लिए सख़्त अधिकतम सीमाएँ, और अगले वीडियो के चलने से पहले अधिक फ़्रिक्शन। (theverge.com)
नोटिफ़िकेशन हाइजीन: देर रात के टहोके कम करना, समय-बद्ध डिलीवरी (जैसे डाइजेस्ट), और चाइल्ड-सेफ़ डिफ़ॉल्ट्स जो डोपामाइन-ट्रिगर वाले ‘प्रॉम्प्ट्स’ को कम करें। (theverge.com)
रिकमेंडर पारदर्शिता और नियंत्रण: वीडियो “क्यों दिखा” इसकी स्पष्ट व्याख्या, मज़बूत “ऐसा कम दिखाएँ” नियंत्रण, और नाबालिगों के लिए संभवतः नॉन-प्रोफ़ाइलिंग मोड (कम संवेदनशील संकेतों पर निर्भर मोड)। (theverge.com)
ये कुछ अनोखा नहीं है। कई स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म बच्चों की प्रोफ़ाइल में ऑटोप्ले पहले से सीमित रखते हैं। फ़िटनेस ऐप्स स्ट्रिक्स का जश्न मनाते हैं—स्लॉट मशीन वाले ‘रैंडम इनाम’ की तरह नहीं। फ़र्क़ बस पैमाने का है: TikTok का फ़ीड सूक्ष्म-ऑप्टिमाइज़ेशन का मास्टरक्लास है; घर्षण में छोटे-छोटे बदलाव भी देखने के घंटों में बड़े फ़र्क़ ला सकते हैं।
TikTok की प्रतिक्रिया (और उसका मायना)
TikTok का कहना है कि आयोग के निष्कर्ष “बे-बुनियाद/ग़लत” हैं और वह चुनौती देगा। यह एक सामान्य कानूनी मुद्रा है। साथ ही, TikTok ने पहले भी यूरोप में व्यवहारिकता दिखाई है (देखें: TikTok Lite रिवॉर्ड्स), और कंपनी जानती है कि DSA के दाँत असली हैं। लंबी लड़ाई संभव है—लेकिन लड़ते-लड़ते उत्पाद में आंशिक बदलाव भी उतने ही संभव हैं। (aljazeera.com)
दाँव-पेच: सिर्फ़ TikTok की बात नहीं
यदि निष्कर्ष टिकते हैं, तो EU डिज़ाइन संशोधन का आदेश और 6% तक जुर्माना लगा सकता है। TikTok के पैमाने पर यह मामूली नहीं—पालन करने के लिए वास्तविक प्रोत्साहन है। उससे बढ़कर, अंतिम निर्णय अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए मज़बूत मिसाल बनेगा—खासतौर पर वे जिनमें इन्फिनिट फ़ीड, ऑटोप्ले, पुश नज और अपारदर्शी रिकमेंडर आम हैं। इसे किसी एक उत्पाद पर नहीं, बल्कि डिज़ाइन पैटर्न पर कार्रवाई समझिए। (theguardian.com)
इसका असर Instagram Reels, YouTube Shorts और किसी भी ऐप तक फैलेगा जो सेशन-लेंथ बढ़ाने के लिए इन्फिनिट फ़ीड पर टिके हैं। एक बार जब “आदी बनाने वाला डिज़ाइन” सिस्टमिक रिस्क के रूप में विधिवत स्थापित हो जाएगा, EU के पास दूसरे प्लेटफ़ॉर्म्स पर दबाव बनाने का टेम्पलेट होगा। और क्योंकि वैश्विक ऐप्स विखंडन से बचना चाहते हैं, EU में हुए बदलाव अक्सर EU के बाहर भी फैलते हैं—कम-से-कम इंजीनियरिंग को मानकीकृत रखने के लिए। (techpolicy.press)
एक त्वरित परिचय: DSA क्या देखता है
DSA “बहुत बड़े ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स” के लिए सुरक्षा और जवाबदेही का ढाँचा है। यहाँ कुछ प्रमुख लीवर हैं:
ऐसे फ़ीचर्स के लिए रिस्क असेसमेंट, जो नाबालिगों या नागरिक विमर्श को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
जोखिम मिलने पर निवारक उपाय।
विज्ञापन और सिफ़ारिशों में पारदर्शिता।
शोधकर्ताओं के लिए डेटा एक्सेस, ताकि वे फ़ीड के व्यवहार को परख सकें। (theverge.com)
EU के साथ TikTok के पुराने विवाद इन्हीं बिंदुओं के इर्द-गिर्द रहे: ध्यान-प्रोत्साहन फ़ीचर्स का प्री-लॉन्च आकलन पर्याप्त नहीं; शोधकर्ता एक्सेस सीमित; और नाबालिगों के लिए कमज़ोर डिफ़ॉल्ट सुरक्षा। नया केस कहता है कि ये समस्याएँ अलग-थलग नहीं—ऐप की मूल बनावट में गड़ी हुई हैं। (ec.europa.eu)
“आदी बनाने वाला डिज़ाइन” कैसे काम करता है (और EU इसे क्यों निशाना बना रहा)
कुछ डिज़ाइन चालें, साथ मिलकर, कम्पल्शन लूप बनाती हैं:
अनंत कंटेंट: इन्फिनिट स्क्रॉल + ऑटोप्ले = निकास बिंदु नहीं।
ठीक समय पर इनाम: फ़ीड मामूली और अद्भुत क्लिप्स को मिलाकर वैरिएबल रिवार्ड शेड्यूल बनाता है—स्लॉट मशीन जैसा।
आपकी कमज़ोरी सीखना: मज़बूत रिकमेंडर जल्दी समझ लेता है कि आप किस पर ज़्यादा टिकते हैं—और उसी की खुराक बढ़ाता है।
ठीक मौके पर टहोका: पुश नोटिफ़िकेशन और लुभावने प्रॉम्प्ट्स आपका ध्यान भटकते ही आपको वापस खींच लेते हैं।
यह मनोविज्ञान विवादित नहीं; यह शुरुआती व्यवहार-विज्ञान है। नया यह है कि नियामक कह रहा: जब आप यह मशीन नाबालिगों पर तानते हैं, तो यह व्यवस्थित जोखिम बन जाती है—और आपको मशीन को फिर से ट्यून करना होगा। (theverge.com)
माता-पिता, शिक्षक और किशोरों के लिए इसका क्या मतलब?
यदि आप अभिभावक हैं, तो EU की माँग आपके बच्चे का UX वास्तव में बदल सकती है। ध्यान दें:
मज़बूत डिफ़ॉल्ट्स: नाबालिगों के लिए ऑटोप्ले ऑफ़, नोटिफ़िकेशन्स कम, और जल्दी ब्रेक प्रॉम्प्ट्स।
स्पष्ट डैशबोर्ड: साप्ताहिक उपयोग सारांश और कुछ अवधि के बाद हार्ड स्टॉप्स, जिन्हें माता-पिता नियंत्रित कर सकें।
बेहतर कंटेंट कंट्रोल: बच्चों के लिए कम निजीकरण या नॉन-प्रोफ़ाइलिंग मोड ताकि “रैबिट होल” का जोखिम घटे। (theverge.com)
किशोरों को यह प्लेटफ़ॉर्म “रोक-टोक” जैसा लग सकता है। लेकिन अच्छी डिज़ाइन स्वतंत्रता और घर्षण के बीच रेखा खींचती है। EU का तर्क है कि सही समय पर घर्षण सुरक्षा फीचर है, मज़ा ख़त्म करने वाला नहीं।
क्रिएटर्स और ब्रांड्स: कैसे अनुकूल हों
क्रिएटर्स: आपकी दुनिया रिटेंशन कर्व्स से चलती है; ऑटोप्ले या इन्फिनिट स्क्रॉल में ब्रेक आपके औसत वॉच टाइम को प्रभावित करेंगे। फिर भी:
हुक्स अब भी मायने रखते हैं—लेकिन ईमानदार हुक्स (शुरुआत में ही स्पष्ट वैल्यू, ‘रेजबait’ नहीं) लंबी उम्र पाएँगे।
यदि फ़ीड में प्राकृतिक चेप्टर्स आए, तो सीरीज़ फ़ॉर्मैट लाभ में रहेंगे; दर्शक जान-बूझकर अगला एपिसोड चुनेंगे।
कम्युनिटी सिग्नल्स (सेव किए गए, साझा किए गए वीडियो, टिप्पणियाँ) का वज़न कच्चे वॉच टाइम के मुक़ाबले बढ़ सकता है—यह इस पर निर्भर करेगा कि रिकमेंडर कंट्रोल्स कैसे बदलते हैं।
ब्रांड्स: संदर्भ और सहमति पर सोचिए। यदि फ़ीड कम-हाइपर-पर्सनल और ज़्यादा इंटेंट-फ्रेंडली होती है, तो सर्च-ऑप्टिमाइज़्ड और सूचनात्मक शॉर्ट वीडियो आगे बढ़ेंगे। एंडलेस सेशन नहीं, बल्कि क्वालिटी सेशन के लिए बनाइए।
पृष्ठभूमि: TikTok Lite और EU का सीखना
2024 में TikTok ने फ़्रांस और स्पेन में Lite के साथ रिवॉर्ड प्रोग्राम ट्रायल किया: वीडियो देखिए, प्वाइंट्स कमाइए। आयोग ने जोखिम आकलन माँगा और अंततः पूरे EU में फ़ीचर वापस करवाया। इस अभियान ने ब्रसेल्स को दो बातें सिखाईं:
आप ध्यान (Attention) को—खासतौर पर नाबालिगों के संदर्भ में—नियंत्रित संसाधन की तरह देख सकते हैं।
आप ऐप पर प्रतिबंध लगाए बिना भी डिज़ाइन वापस मुड़वा सकते हैं। (euronews.com)
नया केस इस सीख को मुख्य ऐप के रोज़मर्रा के लूप्स पर लागू करता है। यहाँ “देखने पर सिक्के” जैसी कसरत नहीं, बल्कि फ़ीड का डिफ़ॉल्ट गुरुत्व बड़ा मुद्दा है। यदि आयोग का पलड़ा भारी रहा, तो हम “बैज और पॉइंट्स” को पैच करने से आगे बढ़कर यह तय करेंगे कि फ़ीड कहाँ ख़त्म (या रुक) होती है। (techcrunch.com)
आगे क्या?
कार्रवाई अभी प्रारम्भिक निष्कर्ष के चरण में है। TikTok जवाब दे सकता है, उपाय प्रस्तावित कर सकता है और कानूनी लड़ाई लड़ सकता है। लेकिन दो स्थिर एंकर हैं:
DSA आयोग को तेज़ दाँत देता है: सुधार के आदेश और बड़े जुर्माने।
EU पहले ही डिज़ाइन बदलाव करवा चुका है (TikTok Lite)। (theguardian.com)
समयरेखा लोचदार है—नियामकीय केस Netflix सीज़न नहीं होते—पर DSA के तहत आयोग पहले के मुक़ाबले फ़ुर्तीला रहा है। एक बड़े धमाके की जगह बातचीत और पुनरावृत्ति की उम्मीद कीजिए।
क्या इससे TikTok कम मनोरंजक हो जाएगा?
संभव है थोड़ा। लेकिन मानवीय सीमाओं का सम्मान करने वाला डिज़ाइन भी दिलचस्प हो सकता है। इसे सीटबेल्ट वाली UX समझिए: सफ़र वही है; बस तेज़ मोड़ पर सीट से उछलेंगे नहीं। और अक्सर नई पाबंदियाँ रचनात्मकता को जन्म देती हैं—फ़ॉर्मैट बदलते हैं, कहानी कहने के तरीके नवाते हैं, और ताज़गी लौटती है।
वैश्विक गूँज: UK और US का क्या?
नियामकीय पारिस्थितिकियाँ अक्सर क्रॉस-पॉलिनेट होती हैं। UK के पास Online Safety Act है; US में प्रस्तावों और राज्य-क़ानूनों का मिश्रण है। EU में TikTok द्वारा किए गए कोई भी सार्वजनिक वादे सीमाओं में कैद रखना कठिन हो सकता है। यदि इंजीनियरिंग टीमें ब्रेक्स, कैप्स, और स्पष्ट कंट्रोल्स बनाती हैं, तो ऑपरेटिंग जटिलता घटाने के लिए वे औज़ार अन्य क्षेत्रों में भी दिखेंगे। (इसी बीच, US में TikTok की स्वामित्व/एल्गोरिद्म बहस अलग पटरियों पर चलती रहेगी।) (theverge.com)
उपयोगकर्ताओं के लिए व्यावहारिक सुझाव—यहीं, अभी
जब तक बदलाव आते हैं, आप अपने स्व-निर्धारित गार्डरेइल्स लगा सकते हैं:
जहाँ भी संभव हो ऑटोप्ले बंद करें और नोटिफ़िकेशन डाइजेस्ट तय करें।
अपने “चेप्टर ब्रेक्स” बनाएँ—टाइमर के साथ बैच में देखें।
“Not interested” को आक्रामक रूप से उपयोग करें ताकि एल्गोरिद्म को ‘स्टीकी पर खाली’ कंटेंट से दूर मोड़ा जा सके।
ये नैतिक प्रवचन नहीं; ये एंटी-बर्नआउट रणनीतियाँ हैं। यदि आप अपने ध्यान को दुर्लभ संसाधन की तरह मानेंगे, ऐप्स भी उसे बेहतर मानेंगे।
बड़ा विचार
हम वेब को “न्यूट्रल टूल्स” से “जवाबदेह अनुभवों” की ओर बहता देख रहे हैं। कभी “घर्षण-रहित” हमेशा अच्छा माना जाता था। अब नियामक—और बहुत से उपयोगकर्ता—पूछ रहे हैं कि क्या घर्षण-रहित कभी-कभी लापरवाह तो नहीं। इन्फिनिट फ़ीड इंटरनेट की किसी पहाड़ी से उतरी शिला-लिपि नहीं; वे डिज़ाइन विकल्प थे। विकल्प बदले जा सकते हैं।
यदि यह केस टिक जाता है, तो EU एक नया डिज़ाइन सिद्धान्त गढ़ चुका होगा: जब किसी ऐप की आर्किटेक्चर पूर्वानुमेय नुकसान (खासतौर पर बच्चों के लिए) पैदा करे, तो हल केवल कंटेंट या ऐड्स की निगरानी नहीं, बल्कि आर्किटेक्चर को ही नया ढाँचा देना है। यह बड़ा बदलाव है।
ज़रूरी तथ्य एक नज़र में (स्रोत संदर्भों के साथ)
तारीख़: प्रारम्भिक निष्कर्ष 6 फ़रवरी, 2026 को प्रकाशित। (techcrunch.com)
मुख्य आरोप: इन्फिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले, पुश नोटिफ़िकेशन्स और रिकमेंडर डिज़ाइन बाध्यकारी उपयोग पैदा करते हैं; नाबालिगों के लिए सुरक्षा अपर्याप्त। (theverge.com)
संभावित दंड: वैश्विक राजस्व का 6% तक जुर्माना; DSA के तहत बाध्यकारी डिज़ाइन बदलाव। (theguardian.com)
प्रसंग: 2024–2025 की DSA कार्यवाही; TikTok Lite रिवॉर्ड्स 2024 में EU-व्यापी निलंबित/वापस। (ec.europa.eu)
क्या बदल सकता है: वास्तविक स्क्रीन-टाइम ब्रेक्स, सीमित इन्फिनिट स्क्रॉल, नाबालिगों के लिए ऑटोप्ले डिफ़ॉल्ट-ऑफ़, संतुलित नोटिफ़िकेशन्स और रिकमेंडर में अधिक नियंत्रण/पारदर्शिता। (theverge.com)
TikTok के अगले संस्करण के लिए इसका अर्थ
यदि कुछ महीनों बाद EU में ऐप थोड़ा अलग महसूस हो—ज़्यादा स्पीड-बम्प्स, कम पिंग्स, स्पष्ट विकल्प—तो समझिए आप डिजिटल गवर्नेंस के नए सिद्धान्त के भीतर जी रहे हैं: डिज़ाइन ही नीति है। आपका फ़ीड अब भी आपका ही रहेगा। बस वह पूरी तरह घर्षण-रहित फिसलान नहीं होगा। और करोड़ों युवा उपयोगकर्ताओं के लिए, वही घर्षण असल सुरक्षा होगा।
जिन कंपनियों की वृद्धि वॉच-टाइम अधिकतम करने पर टिकी थी, वे ऑप्ट-इन एंगेजमेंट—यानी वह जिसमें उपयोगकर्ता इच्छा से आगे देखता है—के लिए अनुकूलन की ओर मुड़ेंगी। यह ऊँची कसौटी है, और स्वस्थ भी।
ध्यान देने योग्य इकाइयाँ
European Commission — DSA का प्रवर्तक और TikTok पर प्रारम्भिक निष्कर्ष जारी करने वाला निकाय। (ec.europa.eu)
TikTok — वह ऐप जिसकी डिज़ाइन को EU नियामक “आदी बनाने वाली” बता रहे हैं। (theverge.com)
ByteDance — TikTok की पैरेंट कंपनी, जो 6% वैश्विक राजस्व तक जुर्माने के दायरे में आती है। (theguardian.com)
फ़्रांस और स्पेन — 2024 में TikTok Lite के रिवॉर्ड प्रोग्राम के परीक्षण मैदान। (euronews.com)
अंतिम विचार
इन्फिनिट स्क्रॉल अपने-आप में बुरा नहीं; किताब भी तब तक “अनंत” है जब तक आप उसे रखते नहीं। लेकिन अच्छा प्रोडक्ट डिज़ाइन हमेशा समझौतों की कला रहा है, और EU TikTok जैसे ऐप के लिए इन समझौतों की नई गणना करा रहा है—ऐप जो एक पीढ़ी का समय आकार देता है। आप खुशी मनाते हैं या खीझते हैं, यह शायद इस पर निर्भर करेगा कि आपने For You पेज पर कितने घंटे खोए हैं।
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